General · Social Sciences
Library and Information Science
Internet Sunsadhan avum Pustakalaya (Hindi)
- Publisher
- Today And Tomorrows Printers And Publisher
- ISBN
- 81-7019-571-X,9788170195719
- Year
- 2017
- Binding
- Hardbound
- Language
- Hindi
- Total pages
- 170
- Ebook
- Not available
About the Book
इंटरनेट आधुनिक समय की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सूचना संग्रह और संचार का नवीनतम माध्यम है। इंटरनेट और इसके अन्य अवयवों में अनवरत परिमार्जन और विकास ने सूचना संग्रह और संचार में इसके महत्व को और अधिक बढ़ा दिया है। सूचना संग्रह और सूचना सेवा प्रदाता संस्था पुस्तकालय के लिए इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक सूचना संसाधनों का विशेष महत्व है। इस महत्व को दृष्टिगत रखते हुए यह पुस्तक इंटरनेट की अवधारणा, इसकी संरचना और कार्यप्रणाली का सरल हिन्दी भाषा में वर्णन का एक प्रयास है। इंटरनेट इलेक्ट्रॉनिक सूचना संसाधन का विशाल स्रोत है। परन्तु इंटरनेट से प्राप्त सभी सूचना अकादमिक उपयोग के लिए प्रामाणिक और विश्वसनीय नहीं होती हैं। साथ ही सूचना के विशाल स्रोत से प्रासंगिक और सटीक सूचना प्राप्त करना एक दुरूह कार्य है। इस पुस्तक में वेब से प्राप्त सूचना की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता परखने की कसौटी के रूप में मानदण्डों का विश्लेषण किया गया है। इसमें ऑनलाइन सूचना खोज सेवा, सूचना पुनर्प्राप्ति रणनीति और तकनीक का उदाहरण सहित वर्णन किया गया है। इंटरनेट के माध्यम से मुक्त अधिगम व्यवस्था में उपलब्ध प्रमुख वेब संसाधन यथा ई-जर्नल्स, ई-बुक्स और ई थीसिस के प्रमुख संग्रह, वेबसाइट्स और डाटाबेस का संक्षिप्त वर्णन प्रदान किया गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में विगत एक दशक से अधिक समय तक चलाये गये सूचना साक्षरता कार्यक्रम में प्राप्त अनुभव का निचोड़ इस पुस्तक में समाहित है। इस दौरान इंटरनेट के विभिन्न उपयोक्ता समूह से उनकी आवश्यकता और इंटरनेट के माध्यम से मुक्त अधिगम व्यवस्था में उपलब्ध संसाधनों को जानने की उनकी उत्कंठा की स्पष्ट जानकारी प्राप्त हुई। सूचना साक्षरता कार्यक्रम में प्राप्त अनुभव के आधार पर पूर्ण विश्वास है कि पुस्तकालय और सूचना विज्ञान के शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों तथा विभिन्न प्रकार के पुस्तकालय में कार्यरत कर्मियों के साथ-साथ इंटरनेट संसाधन में रूचि रखने वाले सभी सामान्य पाठकों के लिए इस पुस्तक की विषय-वस्तु बहुत उपयोगी सिद्ध होगी।
Internet Sunsadhan avum Pustakalaya (Hindi) by R. Singh.
170 pages · Hindi · Published 2017
Subjects: Library and Information Science
About Author
राजेश सिंह
राजेश सिंह सम्प्रति दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली में उप-पुस्तकालयाध्यक्ष, ई-संसाधन और प्रशिक्षण के रूप में कार्यरत है। आप काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी से पुस्तकालय और सूचना विज्ञान में स्वर्ण पदक से सम्मानित है। दिल्ली विश्वविद्यालय से पूर्व आप भारतीय खनि विद्यापीठ, धनवाद, एम. जे. पी. रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली, तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद में सेवारत रहे है।
आप आधुनिक समय के एक नामचीन पुस्तकालय विज्ञानी हैं आपने दिल्ली विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण सूचना सेवायें जैसे सूचना साक्षरता कार्यक्रम, आन लाइन सूचना साक्षरता शिक्षण, सूचना साक्षरता पाठ्यक्रम, 24x7 वर्चुअल संदर्भ सेवा, सर्चेवल ए.-जेड लिस्ट आफ जर्नल्स इत्यादि प्रारंभ किया है।
आप एक सफल लेखक और वक्ता है। आपके लगभग तीन दर्जन शोध पत्र प्रकाशित हो चुके है। आपकी अभिरूची और विशेषज्ञता में सूचना साक्षरता, मुक्त अधिगम संसाधन, आनलाइन सूचना खोज, शैक्षणिक सत्यनिष्ठा, संदर्भ विश्लेषण, अनुसंधान मापन, इम्पेक्ट फैक्टर एवं एच. इन्डेक्स इत्यादि शामिल है।
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